सकारात्मक सोच की शक्ति
बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि किसी भी काम को करने के लिए हमें धैर्य की जरूरत होती है अगर धार्य और सकारात्मकता नहीं है तो कोई भी काम नहीं कर सकते।
सकारात्मक सोच आज विश्व में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती है क्योंकि आज की परिस्थिति और स्थिति को देखते हुए हर व्यक्ति सिर्फ नकारात्मक सोच ही अपने पास में रखता है, पिछड़ापन और गुस्सा जो उसे उसका ही हनन कर रही है।
What is positive thinking? सकारात्मक सोच क्या होती है? सकारात्मक सोच होती है
जो हम सोच सकते हैं वाम कर सकते हैं aur हमें खुद पर भरोसा होता है की बड़े सेे बड़ा चाहे जैसा हो चाहे जितने भी मुश्किलें हैं उसे हम कर सकते हैं सकतेे hi है।
सकारात्मक सोच रखने का मतलब हमें अपने बारे में खुद पता होता है हम अपना अस्तित्व जानते हैं हम अपनी कुशलता पता होती है हम अपने अच्छाइयों और बुराइयों को जानते हैं।
सकारात्मक सोच ना होने के कारण हमारे अंदर की प्रतिभा को हम खुद ही मार देते हैं हम खुद अपने साथ में बुरा व्यवहार करते हैं अपने आप को दूसरों के समक्ष नीचा दिखाते हैं उदासीनता रखते हैं दुखी होते हैं आत्मविश्वास की कमी होती है।
सकारात्मक सोच से व्यक्ति कुछ भी कर सकता है और कुछ भी बदल सकता है वह अपनी इसी सोच की वजह से अपने शरीर को बड़े से बड़े रोग को दूर कर सकता है।
तकनीकी का मानसिक दर्शन।
किसी ने विचार को तैयार करने का सबसे स्वभाविक तरीका है उसकी कल्पना करना अपने मन की आंखों में इस तरह से देखना जैसे वह हमारे सामने वास्तव में हैं जो वस्तु आप मन की आंखों से साफ-साफ देख सकते हैं। अगर आप अपनी मानसिक चित्र या छवि को लिए विश्वास रखते हैं कोई आपकी सोच की प्रक्रिया का एक रूप ले लेती है और यही आगे चलकर आपके जीवन में सत्य साबित होती है।
यदि कोई कलाकार है वह किसी वस्तु का निर्माण करना चाहता है तो वह उसे पहले अपने मन में देखता है अपने मन में ही उसका निर्माण करता है उसके रूप का उसके अंग का उसके मन का उसके बाद ही वह उस को वास्तविक रूप देता है और उस कल्पना को एक मिट्टी के ढांचे में या एक पन्ने पर उतार कर रख देता है।
अपनी कल्पना से सबसे पहले मन में विचार बना कर तैयार कर लेता हूं उस छवि को फिर से में ग्रहण करता हूं और उसे दूसरों के समक्ष उतार देता हूं अगर आप एक वक्ता में डॉक्टर हैं अध्यापक हैं या एक कलाकार हैं हर किसी को अपने मन में छवि बनानी होती है और उसके बाद उसे अपने सामने वाले को एक वास्तविक रूप देना होता है।
सकारात्मक सोच के लिए सबसे जरूरी तथ्य यह है कि आप अपने अंदर से नकारात्मक सोच को बाहर निकाले नकारात्मक लोगों के साथ में बैठना कम कर दें और सकारात्मक सोच रखें जिससे आपके सोचने का नजरिया भी बदलेगा और आपके जीना जीवन जीने का नजरिया भी बदलेगा आपकी जिंदगी पूरी तरह से बदल जाएगी।
आप विश्वास रखिए जब सोचेंगे वह हो जाएगा।
आपका अवचेतन मन एक मैकेनिक है जो सब कुछ जानता है जिसे आपके शरीर के हर अंग और आपके हर एक कार्य को सही तरीके से चलाना उसे पता है अच्छे स्वास्थ्य को आदेश दो उसे पता है उसे क्या करना है।
लेकिन आप को साथ में धैर्य भी रखना होगा विस्तार और मध्य से कोई मतलब मत रखिए केवल अंत के परिणाम को जानिए समझिए।
अपनी समस्या हल होने पर खुशी महसूस करिए दिमाग को हमेशा एहसास दिल आइए की जो हो रहा है वह अच्छा है अपने नए विचार को बनाइए आपका कोई विरोध करने वाला नहीं है ऐसा सोचिए अपनी कल्पना का प्रयोग कीजिए इच्छाशक्ति को बढ़ाइए अवचेतन मन का उपयोग करिए।
मानसिक दबाव और बहुत ज्यादा चिंता जो आपके सोचने समझने की क्षमताओं को खत्म कर देती है।
जब आपका दिमाग शांत होता है तो आपके विचार को भी स्वीकार करता है और आपका और चेतन मन उसे सफल बनाने में लग जाता है।
एक व्यवस्थित ढंग से सोचें और एक योजना बनाएं और यह समझिए कि हर समस्या का हल होता है और अपने मन को यकीन दिलाई है।
अपने हृदय की धड़कन अपने फेफड़ों अपने शरीर के किसी भी हिस्से की कार्यशैली के बारे में ज्यादा मत सोचो अपने अवचेतन मन पर पूरा विश्वास रखें और कहिए दिव्य शक्ति द्वारा इसे किया जा रहा है।
कल्पना आपका एक शक्तिशाली व्यवहार है कल्पना कीजिए कि आपका हर काम सफल हो रहा है और जैसा आपने सोचा था वैसा ही हो रहा है।
सोने से पहले अपनी कल्पना में अपने सपने को पूरा होते हुए देखिए आराम से सोइए और सुबह खुशी-खुशी उठिए आपका हर काम पूरा होगा।
धन संपदा के लिए अपने अवचेतन मन को प्रयोग में लाना है और सकारात्मक सोच रखना यह आपके सपने को पूरा करता है।
अब अपनी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं आपका गुजारा बहुत ही मुश्किल से हो रहा है। अगर आप सोचते हैं कि आप बहुत मेहनत करके धन कमा सकते हैं तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि आप बहुत ज्यादा मेहनत करके शिव आप अपनी जरूरतों को ही पूरा कर सकते हैं जो आप जितना गड्ढा को देंगे उतना ही आंखों पानी मिलेगा।
धन-संपत्ति अपने मन की है यह आपका एक और चेतन का स्वरूप है जवाब यह बोलते हैं मैं करोड़पति हूं मैं करोड़पति हूं अपने मन में धन की चेतना को बनाते हैं तो आपका और चेतन मन उसे पूरा करने में लग जाता है।
जब आपके मन में एक विश्वास होता है उसका कोई संशय नहीं होता है सिर्फ मैं करोड़पति हूं बोलने से ही कुछ नहीं होता है आपको अपने पर खुद पर अपने मन पर भरोसा रखना होगा उस पर विश्वास करना होगा कि आप जो सोच रहे हो वह हंड्रेड परसेंट सत्य है और वह पूरा होता है तभी आप अपने मन को अपने अवचेतन मन को यकीन दिला सकते हो कि आप जो चाहते हो उसे पूरा कर सकते हैं आप अपने अंदर अमीरी का एहसास लाइए अपने दिमाग को खोलिए अपने दिमाग में चल रही सारी बंदिशों को तोड़ कर फेंक दीजिए जब आप पूरी तरह से मुक्त रहित दिमाग हो जाएंगे तब आपको सोचने के लिए और हर समस्या का निजात पाने के लिए एक बेहतरीन उपाय आपके सामने हर वक्त तैयार खड़ा होगा।
इस बात को हमेशा है याद रखिए धन का एहसास हमेशा धन पैदा करता है आपका अवचेतन मन आपका सकारात्मक सोच एक बैंक की तरह काम करता है एक चुंबक की तरह काम करता है जैसे चुंबक चुंबक को और लोहे को खींचता है वैसे ही आपका सकारात्मक सोच और धन की सोच अदन का एहसास भी धन को अपनी ओर खींचता है। अगर चुंबक को उल्टा कर दिया जाए दुआ दूसरे चुंबक को खींचने की वजह उसे पीछे ढकेल देता है। वैसे ही अगर हम अपने मन में संशय व्य्षक लेकर आते हैं तो हम बिल्कुल उसी तरह जो हमारे पास में आ रहे धन को हम वापस उल्टी दिशा में फेंक देते हैं।
इसलिए केवल सकारात्मक सोच रखी है उस पर पूरा विश्वास करिए कि आप जो सोच रहे हो वह सब सही है तभी आपका अवचेतन मन उसको पूरा करने में और उसे पूरा करता है।
जब भी हम यह बोलते हैं कि मैं समृद्धि हूं मैं अमीर हूं तो उन्होंने अपने भीतर पाया कि वह खुद से उससे हमसे झूठ बोलने हैं यही जब कुछ समय तक चलता है तो वह इंसान थक हार कर बैठ जाता है और उस पर विश्वास करना बंद कर देता है उसके बाद सारी प्रक्रिया वहीं पर स्थगित हो जाती हैं और आपका और चेतन मन भी उसे अस्वीकार करने लगता है यही खेल है आपके सकारात्मक सोच और अवचेतन मन का।
आपका सोचना तभी सफल होगा जब आप अपने मन से विरोध को हटा देंगे अपने मन और अवचेतन मन और सकारात्मक सोच पर विश्वास रखेंगे तब आप वास्तव में जिस फल की आशा करते हैं वह फल आपके पास में होगा।
जब आप सोते हैं तब कोई तकनीकी अपना नहीं पड़ती है आपको शब्द दौरा ने होते हैं धीमे से आराम से और एहसास के साथ में खुशी के साथ में और शब्द को बार-बार कहते हैं एक लोरी की तरह अपने कानों में डालते हैं धन-संपत्ति तो आप यकीन मानिए आप कि जिंदगी में जो चमत्कार होगा उस पर आप यकीन नहीं कर सकते।
सबसे पहले तो आप अपने में विश्वास दिखाएं और 1 दिन निश्चय करें या धनवान बन सकते हैं।
कड़ी मेहनत कर पसीना बहा कर नहीं।
धन संपदा का अपने अवचेतन मन में है साज दिल आकर समृद्धि विचार बना कर।
सोने से पहले धन का उच्चारण और उसका अनुभव करके दोहराना अपना उचित रमन को यकीन दिलाना आप यकीन मानिए आपकी जिंदगी बदल कर एक सफल जिंदगी में हो जाएगी जो आपने सोचा भी नहीं था वह आपका पूरा हो जाएगा सपना।
धन्यवाद दोस्तों आज के लिए इतना ही बाकी आगे की पोस्ट में नवार आपको बताऊंगा कि किस तरह से आप अपने दिमाग को सुव्यवस्थित कर सकते हैं और उसे उपयोग में ला सकते हैं अपने मन में काबू पा सकते हैं एक दृढ़ निश्चय निश्चय कर के अपने सपने को पा सकते हैं।
अगर आप लोगों को यह पोस्ट अच्छा लगे तो उसे लाइक करिएगा शेयर करिएगा और हो सके तो कमेंट जरूर करिएगा धन्यवाद दोस्तों नमस्कार आप सभी लोगों का अभिवादन करता हूं और दिल से धन्यवाद करता हूं नमस्कार दोस्तों जय हिंद जय भारत।
धन-संपत्ति अपने मन की है यह आपका एक और चेतन का स्वरूप है जवाब यह बोलते हैं मैं करोड़पति हूं मैं करोड़पति हूं अपने मन में धन की चेतना को बनाते हैं तो आपका और चेतन मन उसे पूरा करने में लग जाता है।
जब आपके मन में एक विश्वास होता है उसका कोई संशय नहीं होता है सिर्फ मैं करोड़पति हूं बोलने से ही कुछ नहीं होता है आपको अपने पर खुद पर अपने मन पर भरोसा रखना होगा उस पर विश्वास करना होगा कि आप जो सोच रहे हो वह हंड्रेड परसेंट सत्य है और वह पूरा होता है तभी आप अपने मन को अपने अवचेतन मन को यकीन दिला सकते हो कि आप जो चाहते हो उसे पूरा कर सकते हैं आप अपने अंदर अमीरी का एहसास लाइए अपने दिमाग को खोलिए अपने दिमाग में चल रही सारी बंदिशों को तोड़ कर फेंक दीजिए जब आप पूरी तरह से मुक्त रहित दिमाग हो जाएंगे तब आपको सोचने के लिए और हर समस्या का निजात पाने के लिए एक बेहतरीन उपाय आपके सामने हर वक्त तैयार खड़ा होगा।
इस बात को हमेशा है याद रखिए धन का एहसास हमेशा धन पैदा करता है आपका अवचेतन मन आपका सकारात्मक सोच एक बैंक की तरह काम करता है एक चुंबक की तरह काम करता है जैसे चुंबक चुंबक को और लोहे को खींचता है वैसे ही आपका सकारात्मक सोच और धन की सोच अदन का एहसास भी धन को अपनी ओर खींचता है। अगर चुंबक को उल्टा कर दिया जाए दुआ दूसरे चुंबक को खींचने की वजह उसे पीछे ढकेल देता है। वैसे ही अगर हम अपने मन में संशय व्य्षक लेकर आते हैं तो हम बिल्कुल उसी तरह जो हमारे पास में आ रहे धन को हम वापस उल्टी दिशा में फेंक देते हैं।
इसलिए केवल सकारात्मक सोच रखी है उस पर पूरा विश्वास करिए कि आप जो सोच रहे हो वह सब सही है तभी आपका अवचेतन मन उसको पूरा करने में और उसे पूरा करता है।
जब भी हम यह बोलते हैं कि मैं समृद्धि हूं मैं अमीर हूं तो उन्होंने अपने भीतर पाया कि वह खुद से उससे हमसे झूठ बोलने हैं यही जब कुछ समय तक चलता है तो वह इंसान थक हार कर बैठ जाता है और उस पर विश्वास करना बंद कर देता है उसके बाद सारी प्रक्रिया वहीं पर स्थगित हो जाती हैं और आपका और चेतन मन भी उसे अस्वीकार करने लगता है यही खेल है आपके सकारात्मक सोच और अवचेतन मन का।
आपका सोचना तभी सफल होगा जब आप अपने मन से विरोध को हटा देंगे अपने मन और अवचेतन मन और सकारात्मक सोच पर विश्वास रखेंगे तब आप वास्तव में जिस फल की आशा करते हैं वह फल आपके पास में होगा।
जब आप सोते हैं तब कोई तकनीकी अपना नहीं पड़ती है आपको शब्द दौरा ने होते हैं धीमे से आराम से और एहसास के साथ में खुशी के साथ में और शब्द को बार-बार कहते हैं एक लोरी की तरह अपने कानों में डालते हैं धन-संपत्ति तो आप यकीन मानिए आप कि जिंदगी में जो चमत्कार होगा उस पर आप यकीन नहीं कर सकते।
सबसे पहले तो आप अपने में विश्वास दिखाएं और 1 दिन निश्चय करें या धनवान बन सकते हैं।
कड़ी मेहनत कर पसीना बहा कर नहीं।
धन संपदा का अपने अवचेतन मन में है साज दिल आकर समृद्धि विचार बना कर।
सोने से पहले धन का उच्चारण और उसका अनुभव करके दोहराना अपना उचित रमन को यकीन दिलाना आप यकीन मानिए आपकी जिंदगी बदल कर एक सफल जिंदगी में हो जाएगी जो आपने सोचा भी नहीं था वह आपका पूरा हो जाएगा सपना।
धन्यवाद दोस्तों आज के लिए इतना ही बाकी आगे की पोस्ट में नवार आपको बताऊंगा कि किस तरह से आप अपने दिमाग को सुव्यवस्थित कर सकते हैं और उसे उपयोग में ला सकते हैं अपने मन में काबू पा सकते हैं एक दृढ़ निश्चय निश्चय कर के अपने सपने को पा सकते हैं।
अगर आप लोगों को यह पोस्ट अच्छा लगे तो उसे लाइक करिएगा शेयर करिएगा और हो सके तो कमेंट जरूर करिएगा धन्यवाद दोस्तों नमस्कार आप सभी लोगों का अभिवादन करता हूं और दिल से धन्यवाद करता हूं नमस्कार दोस्तों जय हिंद जय भारत।
The power of thinking
Reviewed by Anika Sandeep
on
September 03, 2019
Rating:
Reviewed by Anika Sandeep
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September 03, 2019
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