Gandhi Jayanti 2019

2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन गांधी जी का जन्म हुआ था उन्हें महान राष्ट्रपिता का दर्जा मिला हुआ है।
2 अक्टूबर 1869 में हुआ था। महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है इनको बापू नाम से संबोधित किया जाता है। 2 अक्टूबर गांधी जी को श्रद्धांजलि देकर उन्हें याद किया जाता है। अक्टूबर को राष्ट्रीय उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है सरकारी दफ्तरों में व स्कूलों में छुट्टियां होती हैं।
महात्मा गांधी को क्यों याद किया जाता है?
हमारे देश भारत की आजादी का महत्वपूर्ण योगदान महात्मा गांधी जी को ही जाता है जिन्होंने पूरे तन मन धन और लगन से अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए देश को आजाद कराया व कई आंदोलनों को आयोजित करके अपने देश से अंग्रेजों को भगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
15 जून 2007 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अहिंसा के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में भी घोषित किया गया है उन्होंने भारतवर्ष को आजाद कराने में अपना पूरा जीवन संघर्ष करते-करते व्यतीत कर दिया और उस पर अपनी जान को निछावर भी कर दिया।

2 अक्टूबर के दिन दिल्ली के राजघाट पर तैयारियां की जाती है तथा महात्मा गांधी की समाधि स्थान है और इस दिन राजघाट में समाधि स्थल को फूलों से सजाया जाता है और देश के सभी राजनेता नेता राजघाट पर जाकर देश के राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देते हैं समाधि के स्थान पर 2 अक्टूबर को सुबह प्रार्थना भी होती है और उनके द्वारा किए गए बलिदान को भी याद किया जाता है और उन्होंने हमेशा यही सिखाया था कि हमेशा अहिंसा का रास्ता चुनो और हिंसा को त्याग दो। गांधी जी ने देश को आजाद कराने के लिए बहुत सारे आंदोलनों की शुरुआत की जो बहुत बड़े बड़े आंदोलन थे और केवल अहिंसा के रास्ते पर चलकर ही उन्होंने अंग्रेजों को भारत से जाने पर मजबूर कर दिया। अंग्रेज ने भारत में व्यापार के बहाने आए और उन्होंने फूट डालो शासन करो की नीति अपनाकर यहां के देशवासियों में फूट डाल दिया उन्हें अलग अलग कर दिया और उन पर शासन करने लगे। व्यापार चलाने के लिए उन्हें आर्थिक मदद भारतवासियों से ही मिलने लगी भारतवासियों को ही गुलाम बनाकर उन पर अत्याचार करने लगे।
इसके लिए महात्मा गांधी जी ने कई बड़े आंदोलन की है जो आंदोलन सफल भी हुए। पहला आंदोलन 1919 में जलियांवाला बाग कांड के विरोध में आंदोलन किया गया था जिसने पूरे देशवासियों ने महात्मा गांधी का साथ दिया था उसके बाद गांधी जी ने नमक सत्याग्रह आंदोलन इस आंदोलन को दांडी यात्रा के नाम से भी जाना जाता है और यह यात्रा 26 दिनों तक चली थी। 12 मार्च 1930 को शुरू की गई और 6 अप्रैल 1930 को एक तकिया गांव में समाप्त हुई।
गांधी जी का आंदोलन कुछ लोगों के साथ ही शुरू होता था लेकिन देखते ही देखते पूरा भारत वर्ष उनके साथ आ जाता और उनकी इसी शांति और शक्ति को देखकर अंग्रेजों में हलचल मचाने लगी और वह डरने भी लगे इस बात से उनके आंदोलन सफल भी होने लगे जिसकी वजह से अंग्रेजों में कमजोरियां उत्पन्न होने लगी और धीरे-धीरे वह देश छोड़कर जाने के लिए मजबूर होने लगे इस आंदोलन की वजह से कई बार महात्मा गांधी जी को जेल भी हुई और उन्हें कई बार सख्ती से रोकने का प्रयास भी किया गया पर वह ना कभी रुके ना कभी झुके और हमेशा अहिंसा के पथ पर आगे बढ़ते हुए अंग्रेजों को हमेशा झुकाया उन्हें मजबूर किया जब हर आंदोलन सफल होने लगे और पूरा भारत वर्ष एक हो गया हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सब एक साथ अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हो गए भारत की एकता अखंडता देखकर अंग्रेजों में खौफ पैदा हो गया और वह यह सब देख कर डर गए और गांधी जी ने एक नसीहत भी दी कि किसी भी देश को आजाद कराने के लिए खून खराबे की जरूरत नहीं है अहिंसा के पथ पर चलकर देश को आजाद कराया जा सकता है।
2 अक्टूबर 2019 को बापू की 150वीं जयंती है।
कुछ आंदोलन थे वह जो प्रमुख हैं उनके नाम किस तरह से हैं।
1 – चंपारण आंदोलन
दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद महात्मा गांधी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्रयास शुरू कर दिए और की शुरुआत उन्होंने चंपारण आंदोलन से किया वैसे चंपारण सत्याग्रह के नाम से भी जाना जाता है।
2- खेड़ा सत्याग्रह
गुजरात के खेड़ा गांव में सन 1918 में बाढ़ की वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो गई इस कारण किसान ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स भरने में असमर्थ हो गया किसानों को इस मुसीबत से निकलने में मदद करते हुए गांधी जी ने एक आंदोलन किया जिसे खेड़ा सत्याग्रह के नाम से भी जाना जाता है और इस आंदोलन से मजबूर होकर बेटी सरकार ने अपने टैक्स के नियम और संशोधन को किसानों को राहत देने की घोषणा की और आंदोलन सफल हुआ।
3- असहयोग आंदोलन
बेटी सरकार द्वारा रौलट एक्ट के विरोध में 13 अप्रैल 1919 को पंजाब के जिले वाला बाग में एक सभा बुलाई जिसमें हजारों की भीड़ जुटी इस दौरान ब्रिटिश जनरल डायर अपनी टुकड़ी के साथ पहुंचा निहत्थे लोगों पर गोली चलाने का आदेश दे दिया जिस कारण से बहुत सारे मासूम बच्चे महिलाएं पुरुष मारे गए इस क्रूरता की वजह से बेटी सरकार की चौतरफा गिर गई उसके विरोध में सन 1920 में गांधी जी ने असहयोग आंदोलन की घोषणा कर दी और यह भी पूर्ण रूप से सफल हुआ।
4- दांडी मार्च
ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक बनाने पर प्रतिबंध लगाने के बाद गांधीजी ने 1930 में इस आंदोलन की शुरुआत की और डांडी मार्च के दौरान गांधीजी ने अपने 72 लोगों के साथ साबरमती आश्रम से पैदल चलकर 24 दिनों में 240 किलोमीटर की यात्रा पूरी की दांडी गांव समुद्र तट पर पहुंचे स्टमक बनाकर ब्रिटिश सरकार के आदेशों का उल्लंघन किया गांधी जी द्वारा नामक तोड़ने के कानून के बाद पूरे देश में नमक बनाने का काम शुरू हो गया इस घटना की वजह से महात्मा गांधी को पूरी दुनिया में नजर आने।
5-भारत छोड़ो आंदोलन
महात्मा गांधी द्वारा 1942 में इस आंदोलन की शुरुआत की गई या आंदोलन इतना प्रभावी था कि ब्रिटिश सरकार को एड़ी चोटी का बल लगाना पड़ा लेकिन संचालन की कमी के काया आंदोलन बहुत ही जल्द धराशाई हो गया लेकिन इस आंदोलन ने भारत में अंग्रेजों के इतना तो एहसास दिला दिया क्या भारत में उनका शासन ज्यादा दिन तक नहीं चल सकता।

Gandhi Jayanti 2019
Reviewed by Anika Sandeep
on
September 27, 2019
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